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पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान कब और कितनी बार अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड कराना चाहिठ?
à¤à¤¾à¤°à¤¤ में जनà¥à¤®à¤¦à¥‹à¤· के मामले सबसे अधिक है। लगà¤à¤— 33 में से 1 बचà¥à¤šà¥‡ में जनà¥à¤®à¤¦à¥‹à¤· होता है। इस परेशानी का निदान पà¥à¤°à¤¸à¤µ से पहले à¤à¥€ किया जा सकता है, जिसमें पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤•ारी माना गया है (1)। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड करवाने के फायदे और नà¥à¤•सान, हर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला समà¤à¤¨à¤¾ चाहती है। इसी वजह से हम यह लेख लेकर आठहैं, जिसमें पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड व सोनोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ सारी जानकारी विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से दी गई है।
सबसे पहले यह जानिठकि अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड कà¥à¤¯à¤¾ है।
अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड कà¥à¤¯à¤¾ होता है?
अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड à¤à¤• तरह का इमेजिंग टेसà¥à¤Ÿ है, जिसे सोनोगà¥à¤°à¤¾à¤® à¤à¥€ कहा जाता है। यह शरीर के अंदर के अंग, ऊतकों और अनà¥à¤¯ संरचनाओं की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ करने के लिठउनकी तसà¥à¤µà¥€à¤° बनाता है। इसमें धà¥à¤µà¤¨à¤¿ तरंगों का उपयोग होता है। यह शरीर के अंदर हो रही गतिविधियों जैसे, दिल की धड़कन या रकà¥à¤¤ वाहिकाओं में बहने वाली रकà¥à¤¤ की छवि à¤à¥€ दिखा सकता है (2)। यह गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के अंदरà¥à¤¨à¥€ अंगों के साथ ही गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ के विकास की तसà¥à¤µà¥€à¤° à¤à¥€ दिखाता है (3)।
अब पढ़ें गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के पà¥à¤°à¤•ार।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के पà¥à¤°à¤•ार
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के चरण व गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के आधार पर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में कई पà¥à¤°à¤•ार के अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड कराने की सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ उपलबà¥à¤§ है। इनके बारे में नीचे विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से समà¤à¥‡à¤‚गे।
टà¥à¤°à¤¾à¤‚सवेजाइनल अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड (Transvaginal Ultrasound)
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में किठजाने वाले इस टà¥à¤°à¤¾à¤‚सवेजाइनल अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड में योनि के माधà¥à¤¯à¤® से महिला के पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ अंगों जैसे गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯, अंडाशय व फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब आदि की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का परीकà¥à¤·à¤£ किया जाता है। इस अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड को करने के दौरान इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² होने वाले छोटे उपकरण को योनि के अंदर रखा जाता है (4)।
पेलà¥à¤µà¤¿à¤• अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड (Pelvic Ultrasound)
इसे टà¥à¤°à¤¾à¤‚सà¤à¤¬à¥à¤¡à¥‰à¤®à¤¿à¤¨à¤² (Transabdominal) अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड à¤à¥€ कहते हैं। इस अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड में पेलà¥à¤µà¤¿à¤• यानी गरà¥à¤ के अंगों की जांच की जाती है। इस टेसà¥à¤Ÿ को करने के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° सबसे पहले पेट पर à¤à¤• जेल लगाते हैं, फिर उसी के ऊपर टà¥à¤°à¤¾à¤‚सडà¥à¤¯à¥‚सर रखकर, पेट के अलग-अलग हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ पर घà¥à¤®à¤¾à¤¤à¥‡ हैं और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की जांच करते हैं (5)।
3डी अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड (3D Ultrasound)
ऊपर बताठगठदोनों ही तरह के अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड को à¤à¤• तरह से 2डी अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड माना जाता है। वहीं, 3डी अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड इस दोनों ही पà¥à¤°à¤•ार से काफी à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ हैं। 3डी अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड में गरà¥à¤ में पल रहे à¤à¥à¤°à¥‚ण की छवि को देखा जा सकता है। यह अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड à¤à¥à¤°à¥‚ण के शारीरिक अंगों की लंबाई, चौड़ाई और बनावट को दिखा सकता है (6)। डॉकà¥à¤Ÿà¤° गरà¥à¤ में शिशॠका विकास सामानà¥à¤¯ है या नहीं, इसका पता 3डी अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड की मदद से लगा सकते हैं।
4डी अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड (4D Ultrasound)
3डी अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड की ही तरह 4डी अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड à¤à¥€ à¤à¥à¤°à¥‚ण की शारीरिक विकृतियों को बता सकता है। इसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के पहले चरण से à¤à¥€ किया जा सकता है (7)। बस फरà¥à¤• इतना है कि 3डी जहां चितà¥à¤°à¥‹à¤‚ को परà¥à¤¦à¤¶à¤¿à¤¤ करता है, वहीं 4डी में à¤à¥à¤°à¥‚ण का गतिशील वीडियो बनता है। à¤à¤• तरह से 4डी अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के जरिठगरà¥à¤ में à¤à¥à¤°à¥‚ण की हलचल का वीडियो देखा जा सकता है (8)।
फेटल इकोकारà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ (Fetal Echocardiography)
यह à¤à¥€ à¤à¤• तरह का अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड है, जिसे अकà¥à¤¸à¤° गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की दूसरी तिमाही यानी 18वें से 24वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के दौरान किया जाता है। यह परीकà¥à¤·à¤£ गरà¥à¤ में शिशॠके दिल का मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन करता है। अगर à¤à¥à¤°à¥‚ण को दिल से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ कोई समसà¥à¤¯à¤¾ है, तो इस परीकà¥à¤·à¤£ के जरिठउसका पता गरà¥à¤ से ही लगाया जा सकता है (9)।
डॉपलर अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड (Doppler Ultrasound)
इस तरह के इमेजिंग टेसà¥à¤Ÿ में रकà¥à¤¤ वाहिकाओं का परीकà¥à¤·à¤£ किया जाता है, जो गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ व उसके अजनà¥à¤®à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ में सामानà¥à¤¯ रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ की जांच करता है। इसके कई अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•ार à¤à¥€ हैं, जिनका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² रकà¥à¤¤ वाहिकाओं से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ परिकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को लिठकिया जाता है। खासतौर पर यह परीकà¥à¤·à¤£ खराब हà¥à¤, कम हो रहे या बंद हो गई खून की नसों की जांच करता है। इसके अलावा, इसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² हृदय रोगों का निदान करने के लिठà¤à¥€ होता है (10)।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ कराना चाहिà¤, यह à¤à¥€ पढ़ें।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सोनोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी है?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के किसी à¤à¥€ चरण में सोनोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ या अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड किया जा सकता है। खासकर, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 18वें से 20वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बीच। इस दौरान गरà¥à¤ में à¤à¥à¤°à¥‚ण का काफी हद तक विकास हो जाता है, जिससे अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के जरिठशिशॠके लिंग, उसकी शारीरिक बनावट व विकास को समà¤à¤¾ जा सकता है (11)। आगे गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• चरणों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी है, यह नीचे बताया गया है (12)।
1. गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही (पहले सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से 12वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ का समय)
गरà¥à¤ के अंदर à¤à¥à¤°à¥‚ण की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का पता लगाने के लिà¤à¥¤
à¤à¥à¤°à¥‚ण फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब के अंदर है या नहीं, इसकी पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ करने के लिà¤à¥¤
à¤à¥à¤°à¥‚ण की संखà¥à¤¯à¤¾ यानी सिंगल, टà¥à¤µà¥€à¤¨à¥à¤¸ या उससे अधिक à¤à¥à¤°à¥‚ण की पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी का पता करने के लिà¤à¥¤
गरà¥à¤ में à¤à¥à¤°à¥‚ण की आयॠकी गणना करने के लिà¤à¥¤
बायोफिजिकल पà¥à¤°à¥‹à¤«à¤¾à¤‡à¤² (Biophysical Profile) यानी गरà¥à¤ में à¤à¥à¤°à¥‚ण के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ अनà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का पता लगाने के लिठ(11)।
2. गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की दूसरी तिमाही (12वें – 24वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ का समय)
इस दौरान खासतौर पर 18वें से 20वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बीच अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड का उपयोग किया जाता है।
यह à¤à¥à¤°à¥‚ण की शारीरिक संरचनाओं जैसे कि रीढ़, मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• और आंतरिक अंगों व अनà¥à¤¯ अंगों के विकास की जांच करता है।
मां के पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा का आकार और सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ की à¤à¥€ जांच करता है।
à¤à¥à¤°à¥‚ण के लिंग की जानकारी मिलती है।
3. गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की तीसरी तिमाही (24वें – 40वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ का समय)
तीसरी तीमाही में खासतौर पर 30 वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बाद अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड किया जाता है।
गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¤¾ सामानà¥à¤¯ दर से बढ़ रहा है या नहीं, इसका पता लगता है।
पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा के सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ की जांच करने के लिà¤à¥¤
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ में किसी तरह का अवरोध नहीं है, इसकी पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ होती है।
आगे हम गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड करवाने के फायदे à¤à¥€ बता रहे हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड करवाने के फायदे
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड करवाने के फायदे कई हैं, जिनके बारे में आप नीचे पढ़ेंगे।
à¤à¥à¤°à¥‚ण के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ का पता लगाना – अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के जरिठगरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान बचà¥à¤šà¥‡ के विकास की जांच की जा सकती है। इसके परिणामों से बचà¥à¤šà¥‡ में डाउन सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® जैसी किसी à¤à¥€ असामानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ का पता लगाया जा सकता है (12)।
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à¤à¥à¤°à¥‚ण के शारीरिक विकास की निगरानी रखना – गरà¥à¤ में शिशॠका शारीरिक विकास सामानà¥à¤¯ है या नहीं, इस पर नजर रखने के लिठगरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड कराना फायदेमंद है (12)।
à¤à¥à¤°à¥‚ण का सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ – à¤à¥à¤°à¥‚ण मां के गरà¥à¤ में ही पल रहा है या नहीं, इसका à¤à¥€ पता अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के जरिठलगाया जा सकता है (12)। अगर à¤à¥à¤°à¥‚ण मां के गरà¥à¤ से बाहर या फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में विकसित होता है, तो मेडिकल टरà¥à¤® में उसे à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी (Ectopic Pregnancy) कहते हैं (13)।
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ व पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा की निगरानी करना – गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ व पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की निगरानी करने के लिठà¤à¥€ अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड करना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ माना जाता है (12)।
दरà¥à¤¦ रहिव व सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ तकनीक – इतना ही नहीं, अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के दौरान गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला या गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠको किसी तरह के दरà¥à¤¦ का अनà¥à¤à¤µ नहीं होता। इस दौरान महिला को किसी तरह के इंजेकà¥à¤¶à¤¨, रेडिà¤à¤¶à¤¨ या चीरा लगाने की जरूरत à¤à¥€ नहीं (12)।
दिल का सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समà¤à¤¨à¤¾ – गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान मां के साथ ही à¤à¥à¤°à¥‚ण के दिल की धड़कन को देखने और सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ के लिठइसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है (8)।
अजनà¥à¤®à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ की छवि देखना – 3डी व 4डी अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के जरिठमाता-पिता गरà¥à¤ में पल रहे अपने अजनà¥à¤®à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ की शारीरिक छवि व रूप के साथ ही उसकी हलचलों को à¤à¥€ देख सकते हैं (8)।
ततà¥à¤•ाल परिणाम जानना – अनà¥à¤¯ तरह के परीकà¥à¤·à¤£ की तरह अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के परिणाम जानने के लिठइंतजार नहीं करना पड़ता। अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के परिणाम तà¥à¤°à¤‚त देखे जाते हैं (14)।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के नà¥à¤•सान हैं या नहीं, जानने के लिठसà¥à¤•à¥à¤°à¥‰à¤² करें।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के नà¥à¤•सान
à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेकà¥à¤¨à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¥€ इफॉरà¥à¤®à¥‡à¤¶à¤¨) इसकी पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ करता है कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड करना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ व काफी हद तक सटीक परिणाम देने वाला टेसà¥à¤Ÿ है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान इस तकनीक का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² à¤à¥€ अधिक किया जाता है (15)। हालांकि, अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के परिणामों पर पूरी तरह से निरà¥à¤à¤° नहीं हो सकते हैं, जिस वजह से गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के नà¥à¤•सान à¤à¥€ हो सकते हैं, जैसे:
अगर गरà¥à¤ में à¤à¥à¤°à¥‚ण से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ किसी तरह की असामानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ का पता चलाता है, तो इसकी पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ करने के लिठअनà¥à¤¯ परीकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को करना जरूरी है। इसके लिठà¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¥‡à¤‚टेसिस और कोरियोनिक विलस सैंपलिंग जैसे कà¥à¤› आनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक टेसà¥à¤Ÿ किठजा सकते हैं (12)।
कà¥à¤› मामलों में à¤à¥à¤°à¥‚ण से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के परिणाम गलत हो सकते हैं 14।
अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के दौरान गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ के पेट पर à¤à¤• तरह का जेलनà¥à¤®à¤¾ पदारà¥à¤¥ लगाया जाता है। अगर यह महिला के तà¥à¤µà¤šà¤¾ के अंदर पà¥à¤°à¥‡à¤µà¤¶ कर जाà¤, तो नà¥à¤•सान à¤à¥€ हो सकते हैं (14)। हालांकि, इस विषय में उचित शोध की आवशà¥à¤¯à¤•ता है।
टà¥à¤°à¤¾à¤‚सवेजाइनल अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के कारण गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला में चिंता, दरà¥à¤¦ या योनि से रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है (15)।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में सोनोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ कब व कितनी बार कराà¤à¤‚, यह à¤à¥€ आगे जान लें।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड कब और कितनी बार करवाना चाहिà¤? | Pregnancy me sonography kab karna chahiye
वैसे तो पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में किसी à¤à¥€ समय अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड कराना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤à¤¾ है (11)। हालांकि, à¤à¤¾à¤°à¤¤ सरकार की तरफ से अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥‹à¤¨à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ के उपयोग पर जारी गाइडलाइन में यह बताया गया है कि यूरोप या कनाडा जैसे अनà¥à¤¯ देशों की तरह à¤à¤¾à¤°à¤¤ में गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड कराने के लिठकोई जरूरी दिशानिरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ जारी नहीं हैं। वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में à¤à¤¾à¤°à¤¤ में अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड कब और कितनी बार करानी चाहिà¤, इसके लिठकोई निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ मानक नहीं हैं (1)।
वहीं, अनà¥à¤¯ देशों के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ विशेशजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 8-14वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ पर पहला अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड और 18-20वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में दूसरा अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड जरूर कराना चाहिà¤à¥¤ इससे à¤à¥à¤°à¥‚ण की असामानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ं का पता लगाया जा सकता है (1)।
अब समà¤à¤¿à¤ कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सोनोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ के दौरान कà¥à¤¯à¤¾ होता है।
अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के दौरान कà¥à¤¯à¤¾ होता है?
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ अलग-अलग होती है। यह अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के पà¥à¤°à¤•ार पर निरà¥à¤à¤° करती है, जैसे (12):
पेट वाला अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड – पेट के जरिठकिठजाने वाले अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के लिठसबसे पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को पानी पीने के लिठकहते हैं। फिर महिला को पीठके बल लिटाया जाता है। इसके बाद डॉकà¥à¤Ÿà¤° गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ के पेट पर पारदरà¥à¤¶à¥€ जेलनà¥à¤®à¤¾ कà¥à¤°à¥€à¤® लगाते हैं। फिर उसी के ऊपर से वो सोनोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¤° सà¥à¤•ैनर को विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में घà¥à¤®à¤¾à¤¤à¥‡ हैं। इससे पेट के अंदर की तसà¥à¤µà¥€à¤°à¥‡à¤‚ à¤à¤• मॉनिटर को टà¥à¤°à¤¾à¤‚सफर होती रहती है, जो गरà¥à¤ के अंदर की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की जानकारी देती है। इस पूरी पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में लगà¤à¤— 30 मिनट का समय लग सकता है।
योनि अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड – अगर पेट के जरिठकिठगठअलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड से सटीक परिणाम नहीं मिलते हैं, तो गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ टà¥à¤°à¤¾à¤‚सवेजिनल अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड करा सकती है। इसके लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° योनि के मारà¥à¤— से अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड करते हैं। इसके लिठसबसे पहले गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को à¤à¤• गाउन पहनाकर पीठके बल पर लेटाया जाता है। फिर à¤à¤• पतला अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड सà¥à¤•ैनर योनि के अंदर रखा जाता है। इस पूरी पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में लगà¤à¤— 30 मिनट का समय लग सकता है।
अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के लिठगरà¥à¤à¤µà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को किस तरह की तैयार करनी चाहिà¤, जानने के लिठइस à¤à¤¾à¤— को पढ़ें।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के लिठखà¥à¤¦ को कैसे तैयार करें?
अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के लिठगरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को किस तरह की तैयारी करनी चाहिà¤, यह अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के पà¥à¤°à¤•ार पर निरà¥à¤à¤° करता है। अगर पेट के जरिठअलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड हो रहा है, तो गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को अपने मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ को à¤à¤°à¤¨à¤¾ होगा। इसके लिठअलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड कराने से लगà¤à¤— 1 घंटे पहले 2 से 3 गिलास पानी पीने की सलाह दी जाती है। इस दौरान जब तक अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड नहीं हो जाता, गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को तबतक बाथरूम à¤à¥€ नहीं जाना चाहिà¤à¥¤ साथ ही इस दौरान आरामदायक और ढीले कपड़े ही पहनें (2)।
योनि के व अनà¥à¤¯ तरह के अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के लिà¤, गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को परीकà¥à¤·à¤£ से कà¥à¤› घंटे पहले से ही कà¥à¤› à¤à¥€ खाने-पीने से मना कर दिया जाता है। इसके बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को सारी जानकारी पहले ही दे देते हैं (2)।
लेख के अंत में यह à¤à¥€ बताया गया है कि बार-बार अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड कराने का शिशॠपर कैसे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ होता है।
कà¥à¤¯à¤¾ अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड बार-बार करने से गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠके विकास पर किसी तरह का असर होता है?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड करवाना जचà¥à¤šà¥‡-बचà¥à¤šà¥‡ के लिठपूरी तरह से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ माना गया है। इसके इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² से मां या शिशॠके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर किसी तरह का नकारातà¥à¤®à¤• परिणाम नहीं देखा जाता है (12)। अगर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में बार-बार अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड कराया जाà¤, तो इसका गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠके विकास पर कैसा पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ होगा, इस विषय पर शोध की कमी है। à¤à¤¸à¥‡ में बेहतर होगा कि इस बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह लें।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड जहां सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है, वहीं कई मायनों में यह आवशà¥à¤¯à¤• à¤à¥€ माना गया है। इस लेख में हमने गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सोनोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ कब व कितनी बार कराà¤à¤‚, इससे जà¥à¤¡à¤¼à¥€ अहम जानकारी के साथ ही, इसके फायदे व नà¥à¤•सान à¤à¥€ बताठहैं। बस धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सोनोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ हमेशा à¤à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤®à¤‚द कà¥à¤²à¥€à¤¨à¤¿à¤• व अनà¥à¤à¤µà¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤° की देखरेख में ही कराà¤à¤‚।
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